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हिमाचल में अग्निशमन सेवा सप्ताह का समापन, लोगों को किया जागरूक

हिमाचल में अग्निशमन सेवा सप्ताह का समापन, लोगों को किया गया जागरूक
14–20 अप्रैल तक राज्यभर में फायर सेफ्टी पर अभियान और मॉक ड्रिल आयोजित
1944 मुंबई डॉक विस्फोट के शहीद अग्निशमन कर्मियों को दी गई श्रद्धांजलि


शिमला। हिमाचल प्रदेश में अग्निशमन सेवा सप्ताह का सफल आयोजन करते हुए सोमवार को इसका विधिवत समापन किया गया। यह सप्ताह हर वर्ष 14 अप्रैल से 20 अप्रैल तक पूरे देश में मनाया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य आम जनता को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और आग से होने वाले नुकसान को कम करना है।

इस वर्ष हिमाचल प्रदेश अग्निशमन विभाग ने “सेफ स्कूल, सेफ हॉस्पिटल एंड फायर सेफ्टी अवेयर सोसाइटी—टुगेदर फॉर फायर प्रिवेंशन” थीम के तहत पूरे प्रदेश में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इस दौरान स्कूलों, अस्पतालों और सार्वजनिक स्थानों पर फायर सेफ्टी को लेकर विशेष अभियान चलाए गए, जिनमें लोगों को आग लगने के कारणों और उससे बचाव के तरीकों की जानकारी दी गई।

अग्निशमन विभाग का जिम्मा संभाल रहीं एडीजीपी सतवंत अटवाल ने बताया कि इस सप्ताह का आयोजन 14 अप्रैल 1944 के मुंबई डॉक विस्फोट में शहीद हुए अग्निशमन कर्मियों की स्मृति में किया जाता है। इस हादसे में कई बहादुर अग्निशमन कर्मियों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी। तब से हर वर्ष इस सप्ताह के माध्यम से उन वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है।

उन्होंने बताया कि इस दौरान प्रदेशभर में व्याख्यान, फायर सेफ्टी डेमो, मॉक फायर इवैकुएशन ड्रिल और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। 20 अप्रैल को समापन अवसर पर शिमला सहित विभिन्न स्थानों पर विशेष फायर ड्रिल और पेशेवर प्रदर्शन भी आयोजित किए गए, जिनमें अग्निशमन कर्मियों ने अपनी दक्षता और तत्परता का प्रदर्शन किया।

अटवाल ने कहा कि अग्निशमन कर्मी हमेशा अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। ऐसे में आम जनता को भी आग से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक होना बेहद जरूरी है। इस सप्ताह के माध्यम से लोगों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि छोटी-छोटी सावधानियां बड़े हादसों को टाल सकती हैं।

यह आयोजन न केवल अग्निशमन कर्मियों के साहस और बलिदान को सम्मान देने का अवसर बना, बल्कि समाज में फायर सेफ्टी के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।